Friday, 28/2/2020 | 2:49 UTC+0
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आक्सीजन की सप्लाई करने वाली साइमेड हैल्थ केयर प्रा. लि. के खिलाफ केस दर्ज

10 साल के बिना लाईसेंस कर रही थी सप्लाई, औषधि नियंत्रण विभाग की अब टूटी नींद
रांची- झारखण्ड की राजधानी रांची स्थित राजेन्द्रा इंस्टीटयूट ऑफ मेडीकल सांईसेज (आरआईएमएस/रिम्स) को पिछले 10 वर्षों से लाईसेंस के बिना ऑक्सिजन की आपूर्ति करने वाली कम्पनी साइमेड हैल्थ केयर प्रा. लि. के खिलाफ औषधि नियंत्रण विभाग ने अभियोजन दायर करवा है। साईमेड हैल्थ केयर के शैलेन्द्र प्रसाद सिंह तथा प्रैक्स एयर नामक कम्पनी के एस. मुखर्जी (प्लांट मैनेजर) के खिलाफ अभियोजन दायर करवाया गया है। रांची की औषधि निरीक्षक पूनम तिर्की ने इसकी सूचना राज्य के औषधि नियंत्रण निदेशालय को भेज दी है। औषधि नियंत्रण विभाग की आपत्ति के बाद कम्पनी ने रिम्स प्रबन्धन को सूचना दी है कि वह 31 मार्च के बाद काम छोड़ देगी यानि वह उसे ऑक्सिजन की सप्लाई नहीं देगी। औषधि विभाग की आपत्ति के बाद कम्पनी ने रिम्स को काम छोड़ने का नोटिस दिया है न कि रिम्स प्रबन्धन द्वारा कम्पनी को अब रिम्स प्रबन्धन के सामने समस्या हो गयी है कि ऑक्सिजन की सप्लाई कैसे होगी? साईमेड हैल्थ केयर से किया गया अनुबन्ध 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। इसके लिए रिम्स प्रबन्धन द्वारा अभी दूसरी कम्पनी का चयन नहीं किया गया है। इस मुद्दे को लेकर रिम्स के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह द्वारा बैठक बुलायी गयी है। सूत्रों का कहना है कि साईमेड हैल्थ केयर के खिलाफ औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा केस दर्ज करवाया गया हैं इसलिए अब यह कम्पनी रिम्स को ऑक्सिजन सप्लाई नहीं कर सकती। यदि रिम्स प्रबन्धन दूसरी कम्पनी के चयन की प्रक्रिया शुरू करता है तब भी कम से कम 45 दिन लगेंगें। ज्ञात रहे कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ऑक्सिजन की कमी से मौत का शिकार बने बच्चों के मामले में जांच में उजागर हुआ था कि कम्पनी बिना लाईसेंस अस्पताल को ऑक्सिजन की आपूर्ति करती आ रही थी। तब भी सम्बन्धित कम्पनियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था। अन्य स्थानों पर अन्य कम्पनियां भी ऐसी प्रवृति में संलिप्त हो सकती हैं। सावधानी के मद्दे नजर औषधि नियंत्रण विभाग को जांच करनी चाहिए।

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