Friday, 28/2/2020 | 2:52 UTC+0
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बॉयोमैड की पोलियो वैक्सीन में टाइप-टू स्ट्रेन की पुष्टि

* जिन बच्चों को दे दी गयी उन पर विभाग की नजर
नयी दिल्ली- पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान भारत सरकार को वैक्सीन की आपूर्ति करने वाली गाजियाबाद की कम्पनी बायोमैड द्वारा सप्लाई की गयी ओरल पोलियो वैक्सीन में पोलियो का टाइप-2 स्ट्रेन पाया गया था। देश में अप्रैल 2016 के बाद पोलियो वैसीन में टाइप-2 स्ट्रेन प्रतिबंधित कर दिया गया था क्योंकि पोलियो में टाइप-2 स्ट्रेन किसी भी देश में नहीं था। ऐसे में टाइप-टू-स्ट्रेन वाली वैक्सीन बच्चों को देने से वैक्सीन जनित पोलियो का खतरा रहता है। इसलिए इसे देना प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद बायोमैड प्रा. लि. द्वारा आपूर्ति की गयी ओरल पोलियो वैक्सीन में टाईप-2-स्टेªन मिला था। हालांकि इसका पता लगने के बाद सम्बन्धित बैचों की सभी शेष वैक्सीन को देश भर से वापिस उठा लिया गया था परन्तु जब तक टाईप-2 स्ट्रेन का पता चला तब तक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र तथा तेलंगाना में लगभग 15 लाख बच्चों में इसका प्रयोग किया जा चुका था। अब सरकार उन सभी बच्चों की पहचान कर सबको इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन ;आईपीवीद्ध दे रही है। कम्पनी की अपील पर वैक्सीन के नमूनों की दुबारा जांच के लिए नमूने हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थिति केन्द्रीय औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला को भेजे गए थे। अब सीडीएल ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बायोमैड द्वारा आपूर्ति की गयी ओरल पोलियो वैक्सीन में पोलियो का टाईप-2 स्ट्रेन है। इस जांच रिपोर्ट के बाद वैक्सीन बनाने वाली कम्पनी पर कार्यवाही की तैयारी की जा चुकी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर कम्पनी के निदेशक को तीन से पांच साल कैद और एक लाख रूपए का जुर्माना हो सकता है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच में ओरल पोलियो वैक्सीन का नमूना मिलावटी निकला, यह मानक गुणवत्ता का नहीं है। इसमें पोलियो टाईप-2 स्ट्रेन है जो देश में अप्रैल 2016 से प्रतिबंधित किया हुआ है।

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